होमलैंड सर्वे सेवा (DGPS और टोटल स्टेशन)
लैंड सर्वे

महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में DGPS और टोटल स्टेशन लैंड सर्वे सेवा

डुअल-फ्रीक्वेंसी DGPS, इलेक्ट्रॉनिक टोटल स्टेशन, कंटूर मैपिंग और खेत की सीमा निर्धारण — महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में।

अच्छे आर्किटेक्चरल और सिविल डिज़ाइन के लिए सटीक साइट डेटा ज़रूरी है। AR. अमन वर्मा DGPS रिसीवर और लेज़र टोटल स्टेशन जैसे आधुनिक उपकरणों से कॉलोनी, बड़े कमर्शियल प्रोजेक्ट और खेती की ज़मीन का सटीक सर्वे करते हैं।

आपको क्या मिलेगा

सेंटीमीटर से कम त्रुटि वाले DGPS कोऑर्डिनेट
कंटूर मैप (0.5 मीटर / 1 मीटर अंतराल)
स्थायी कोने के निशान के साथ सीमा निर्धारण
NA और कॉलोनी लेआउट मैपिंग
कटिंग और फिलिंग मिट्टी की मात्रा की गणना
AutoCAD और GIS फाइलें
प्रमाणित सर्वे रिपोर्ट

काम कैसे होता है

  1. 1
    साइट निरीक्षण और बेस सेटअप

    DGPS बेस और रोवर से मुख्य बेंचमार्क स्थापित करना।

  2. 2
    फील्ड डेटा संग्रह

    टोटल स्टेशन और DGPS से ऊंचाई और सीमा के हज़ारों पॉइंट लेना।

  3. 3
    डेटा प्रोसेसिंग और CAD

    सैटेलाइट डेटा से कंटूर लाइनें और 3D सतह तैयार करना।

  4. 4
    सीमा सत्यापन और डिलीवरी

    माप को सरकारी रिकॉर्ड (खसरा / 7-12) से मिलाकर प्रमाणित सर्वे ड्रॉइंग देना।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

DGPS सर्वे पुराने तरीके से बेहतर क्यों है?

DGPS सीधे सैटेलाइट से जुड़कर बहुत सटीक माप देता है। इसमें फीते या चेन वाली मानवीय गलतियां नहीं होतीं, सीमा विवाद कम होते हैं और स्थायी कोऑर्डिनेट मिलते हैं।

क्या आप खेती की ज़मीन का सर्वे करते हैं?

हां। हम सीमा विवाद, परिवार में बंटवारे, ड्रिप सिंचाई के ढलान और NA प्लॉटिंग के लिए खेती की ज़मीन का सर्वे करते हैं।

सर्वे के बाद ड्रॉइंग कितने दिन में मिलती है?

5 एकड़ तक के प्लॉट के लिए फील्ड माप के बाद 24 से 48 घंटे में AutoCAD कंटूर शीट और कोऑर्डिनेट टेबल मिल जाती है।

महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में DGPS और टोटल स्टेशन लैंड सर्वे सेवा

+91 6265597717 · कांच मंदिर मार्ग, सिंधीपुरा, बुरहानपुर, मध्य प्रदेश 450331